तिथि: 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026
क्रिया द्वारा आयोजित
यौनिकता, जेंडर एवं अधिकार - एक अध्ययन
5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली
आवेदन की अंतिम तिथि:17,अगस्त 2026
'यौनिकता, जेंडर एवं अधिकार - एक अध्ययन' क्रिया द्वारा संचालित, पांच दिन का आवासीय अध्ययन कार्यक्रम है। यह प्रशिक्षण 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 संचालित किया जा रहा है |
यह प्रशिक्षण इस श्रृंखला की 20वीं कड़ी है। | इस कार्यक्रम में समुदाय आधारित संस्थाओं में कार्यरत महिलाओं को यौनिकता, अधिकार, जेंडर और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ के वैचारिक सिद्धांतों से अवगत करवाया जाता है एवं इनके सांस्कृतिक, सामाजिक और कानूनी मामलों के बीच के जुड़ाव, विश्लेषण और परस्पर सम्बन्ध के बारे में जानकारी दी जाती है। इस कार्यक्रम में यौनिकता, जेंडर एवं अधिकार से सम्बंधित हिंदी संसाधन सामग्री भी उपलब्ध होगी |
पिछले प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगातार जुड़े कुछ प्रशिक्षक
शालिनी सिंह
शालिनी सिंह पिछले 24 वर्षों से महिला अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत हैं और क्रिया के साथ जुड़कर, जेंडर, यौनिकता और नारीवादी नेतृत्व मुद्दों पर काम करती हैं। हैं। वे क्रिया के हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करती हैं तथा नारीवादी नेतृत्व, महिला हिंसा, जेंडर, यौनिकता और अधिकारों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण देती हैं। शालिनी एक वकील, प्रशिक्षित काउंसलर और हिंदी लेखिका हैं।
दीप्ता भोग
दीप्ता भोग निरंतर संस्था की संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। उन्हें महिला साक्षरता, शिक्षा, ग्रामीण पत्रकारिता और जेंडर के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने शिक्षा, नारीवादी पाठ्यक्रम विकास और महिला नेतृत्व पर व्यापक कार्य किया है तथा खबर लहरिया की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निधि गोयल
निधि गोयल राइजिंग फ्लेम की संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक हैं। वे पिछले एक दशक से अधिक समय से विकलांगता अधिकार, जेंडर, यौनिकता और समावेशन के मुद्दों पर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर शोध, वकालत और नीति निर्माण से जुड़ी रही हैं। उन्होंने विकलांग महिलाओं और युवाओं के नेतृत्व तथा समावेशी नीतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रचना मुद्राबॉयिना
रचना मुद्राबॉयिना एक ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता हैं और तेलंगाना हिजड़ा इंटरसेक्स ट्रांसजेंडर समिति की संस्थापक सदस्यों में से
एक हैं। वह ट्रांस समुदायों के अधिकारों, कानूनी साक्षरता और सामाजिक न्याय के लिए लंबे समय से कार्यरत हैं। वर्तमान में वह यूएन एलजीबीटी थिंक-टैंक की सदस्य हैं और विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ट्रांस अधिकारों की सशक्त आवाज़ हैं।
अबिरामी जोथीस्वरन
अबिरामी जोथीस्वरन एक दलित महिला नेता, वकील और सामाजिक न्याय की पैरोकार हैं। वह ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच (AIDMAM–NCDHR) की जनरल सेक्रेटरी हैं और दलित महिलाओं के नेतृत्व तथा जाति एवं लैंगिक न्याय के मुद्दों पर कार्य करती हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दलित महिलाओं के अधिकारों की वकालत करते हुए कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों और अभियानों का नेतृत्व किया।
किरण रामचंद्र देशमुख
किरण रामचंद्र देशमुख एक सेक्स वर्कर और समुदाय आधारित अधिकार कार्यकर्ता हैं। वे VAMP (वेश्या अन्याय मुक्ति परिषद) की सामुदायिक समन्वयक और नेशनल नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्स (इंडिया) की अध्यक्ष हैं। वे सेक्स वर्कर्स के स्वास्थ्य, मानवाधिकार और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकारों की वकालत करती हैं।
रेणु मिश्रा
रेणु मिश्रा एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्स (AALI) की संस्थापक, वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वे पिछले दो दशकों से महिलाओं के सशक्तिकरण, लैंगिक न्याय और कानूनी अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके योगदान को अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया है।
आयोजक
वर्ष 2000 में स्थापित, क्रिया नई दिल्ली में स्थित एक नारीवादी मानव अधिकार संस्था है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय महिला अधिकार संस्था है, जो समुदाय, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करती है। मानव अधिकार आन्दोलनों और समूह के विभिन्न भागीदारों के साथ मिलकर क्रिया महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को आगे बढ़ाने और सभी लोगों की यौनिक और प्रजनन स्वास्थ्य व अधिकारो के मुद्दों पर कार्य करती है। क्रिया राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सकारात्मक सामाजिक बदलाव के लिए पैरवी करती है और कोशिश करती है की एक्टिविस्ट्स और पैरवीकारों को ट्रेनिंग और सीखने के कई तरह के मौके मिले |
प्रशिक्षण विषय
इस अध्ययन में जेंडर, यौनिकता, अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। नीचे दिए गए विषय उन प्रमुख विषयों में से कुछ हैं जिन पर पिछले अध्ययनों में चर्चा की गई है। प्रत्येक अध्ययन में प्रतिभागियों की सीखने की आवश्यकताओं और समकालीन संदर्भों के अनुसार विषयों में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं।
● जेंडर और यौनिकता की समझ
● सत्ता, पितृसत्ता और अंतर्विभागीयता
● यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (SRHR)
● जेंडर आधारित हिंसा
● किशोरों के स्वास्थ्य एवं अधिकार
● जेंडर और कानून
● ट्रांसजेंडर अधिकार एवं समावेशन
● जाति और यौनिकता
● विकलांगता, यौनिकता और अधिकार
● सेक्स वर्क और यौनिकता
● सुरक्षित स्थान, समावेशन और मानसिक स्वास्थ्य
प्रतिभागी, और चुनाव
वह सभी व्यक्ति जो खुद को महिला मानते हैं और संरचनात्मक रूप से हाशिये पर खड़े समूह में शामिल होते हैं और सामाजिक बदलाव के मुद्दों पर कम से कम 2 साल से कार्य कर रहे हैं, इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी सत्र और प्रशिक्षण से जुड़े अध्ययन के लिए लेख हिंदी में होंगे | इस प्रशिक्षण के दौरान भी व्यक्तिगत या समूह में पढ़ने की आवश्यकता हो सकती है।अतः सभी प्रतिभागियों को हिंदी में पढ़ना और लिखना आना आवश्यक है |
यौनिकता, जेंडर और अधिकार अध्ययन संस्थान (SGRI) एक पूर्णतः आवासीय अध्ययन कार्यक्रम है। अध्ययन संस्थान के दौरान सभी प्रतिभागियों का पूरे समय उपस्थित रहना आवश्यक है ताकि वे सीखने, संवाद और सामूहिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।
अध्ययन संस्थान की सभी कार्यशालाएँ, प्रस्तुतियाँ, चर्चाएँ, समूह गतिविधियाँ, अध्ययन सामग्री (रीडिंग्स) तथा लेखन कार्य पूरी तरह हिंदी में होंगे। इसलिए प्रतिभागियों के लिए हिंदी पढ़ने, लिखने और बोलने में सहज होना आवश्यक है।
सभी प्रतिभागियों के लिए पाँचों दिनों में प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से निर्धारित सभी सत्रों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना आवश्यक होगा।
क्रिया आपसे निवेदन करती है की जल्द से जल्द अपने आवेदन पत्र हमें भेजें | आवेदन पत्र और कार्य अनुभव के आधार पर 25-30 प्रतिभागी चुने जायेंगे। सभी प्रतिभागियों को पूरे कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में उपस्थित रहना पड़ेगा। यह पाठ्यक्रम दिल्ली में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है | क्रिया की तरफ से आपके रहने की व्यवस्था की जाएगी आपसे अपेक्षा की जाती है कि 4 अक्टूबर की शाम तक आप दिल्ली पहुँच जाएँ और अपने जाने की व्यवस्था को 9 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे के बाद करें। कार्यक्रम की अधिक जानकारी हम आपके साथ सिलेक्शन प्रोसेस के बाद साझा करेंगे। केवल चुने गए प्रतिभागियों को 15,अगस्त तक चयन की सूचना भेजी जाएगी।
प्रशिक्षण शुल्क
यह प्रशिक्षण निःशुल्क है | क्रिया, सहभागियों के रहने व खाने का प्रबंध करेगी | आने जाने का टिकट (2nd A/C ट्रेन) का भुगतान भी क्रिया द्वारा किया जायेगा | यदि कोई प्रतिभागी हवाई यात्रा करना चाहता/चाहती है, तो प्रतिपूर्ति उसी तिथि और उसी मार्ग के 2nd AC ट्रेन किराये तक ही की जाएगी। इसके लिए संबंधित ट्रेन किराये का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
तिथि और स्थान
यौनिकता , जेंडर एवं अधिकार - एक अध्ययन पर यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा किया जाएगा । यह प्रशिक्षण 5 दिन चलेगी। इसके अलावा प्रतिभागियों को समय निकालकर ग्रुप वर्क एवं ग्रुप अध्ययन में जुड़ना पड़ सकता है।
आवेदन
आवेदन पत्र हमें10,अगस्त, 2026 तक या उससे पहले पहुँच जाने चाहिए | निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जायेंगे | केवल चुने हुए प्रतिभागियों को चुनाव की सूचना 15, अगस्त तक भेजी जायेगी |
विशेष: चयन की प्रक्रिया, प्रतिभागियों के मिल रहे आवेदनों के साथ ही शुरू हो जायेगी । आपसे अनुरोध है की जल्द से जल्द प्रशिक्षण के लिए आवेदन पत्र भेजें ।
आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें
आवेदन पत्र के पीडीएफ संस्करण के लिए, यहां क्लिक करें
(नोट: हमारे पास फ़ॉर्म का अंग्रेज़ी संस्करण नहीं है)
कृपया अपने आवेदन पत्र को sgrihindi@creaworld.org पर ई-मेल करें
ईमेल करने पर सब्जेक्ट में 'Application/आवेदन पत्र' अवश्य लिखें ।
आवेदन भेजने की आखिरी तारीख़: 10 अगस्त 2026
दिशा निर्देशन:
अपने नवीनतम सीवी (दो पृष्ठों से अधिक नहीं) का एक छोटा संस्करण संलग्न करें।
यदि किसी संगठन से संबद्ध है, तो कृपया इस संस्थान में आपकी भागीदारी का समर्थन करते हुए अपने संगठन के प्रमुख का एक पत्र शामिल करें।
यदि आप किसी संगठन से जुड़े नहीं हैं, तो कृपया एक सिफारिश पत्र शामिल करें।
अपने जवाब को स्पष्ट अक्षरों में लिखें या टाइप करें ।
सभी सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए।
इसमें कोई भी जवाब गलत या सही नहीं है इसलिए निवेदन है की आवेदक अपना आवेदन पत्र स्वयं भरें।